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Guestbook

12/6/2008 10:20 AMhi

017262
RAFI 25, Rome, Italy

12/1/2008 6:30 AMhi

ziddi08
siddiq 26, India
hi Sadia
how r u ?
Im siddiq from Kerala
i like friendship with u. i hope u will accept my friendship.
thanks. Take care.

11/29/2008 8:44 AMhi

loveablesanjay
I AM IN LOVE 25, Chennai, India
hi

10/25/2008 2:09 PMhai

AJAYBHU
ajay 24, Pune, India
hai how r u

10/16/2008 9:49 AMhi

priyanshuwadhwa
priyanshu.wa 27, New Delhi, India

am just bored .. opened zorpia .. searched for new buddies .. saw lots of communities .. photos.. searched till i found a cute girl ... she was a simple .. good luking girl .. ...............
i coulnt continue searching .. i just couldnt stop .. it ws beyond my control .. my eyes forgot to wink .. my heart topped beating .. i m impressed .. how do i make her
my friend..shall i send her a friend req .. before that i ll message her .. yeah thats a good idea.. here i proceed with lots of questions in my mind.. wil she accept ??
will she like me ... or will she atleast reply ... now its upto her to reply ... i can feel a smile on her face .. yes she wants to reply .. i know for sure... will you be my friend

11/19/2008 12:26 PMRe: hi

sadiasiddiquee
sadia 18, New Delhi, India
hey...how'r u doin..??gues it'd b nyc bein frenz wid ya...

11/19/2008 11:03 PMRe: Re: hi

priyanshuwadhwa
priyanshu.wa 27, New Delhi, India
i am fine tell me about u . i am priyanshu working with ibm and doing mba . whats about u

10/8/2008 10:07 AMfor friendship

slimboy488
Mr. Sagar 34, Dhaka, Bangladesh
Hi friend
I am male from Bangladesh & I have seen your profile & picture. I am interested to be your friend. If you are interested please add me & send me response as soon as possible
Thank you & regards

7/14/2008 7:24 PMHOPE U R FINE DEAR..

piecesjhon
pieces 23, New Delhi, India
फूलों सी नाजुक चीज है दोस्ती,

सुर्ख गुलाब की महक है दोस्ती,

सदा हँसने हँसाने वाला पल है दोस्ती,

दुखों के सागर में एक कश्ती है दोस्ती,

काँटों के दामन में महकता फूल है दोस्ती,

जिंदगी भर साथ निभाने वाला रिश्ता है दोस्ती,

रिश्तों की नाजुकता समझाती है दोस्ती,

रिश्तों में विश्वास दिलाती है दोस्ती,

तन्हाई में सहारा है दोस्ती,

मझधार में किनारा है दोस्ती,

जिंदगी भर जीवन में महकती है दोस्ती,

किसी-किसी के नसीब में आती है दोस्ती,

हर खुशी हर गम का सहारा है दोस्ती,

हर आँख में बसने वाला नजारा है दोस्ती,

कमी है इस जमीं पर पूजने वालों की वरना इस जमीं पर "Bhagwan" है दोस्ती

7/12/2008 10:06 PMHow R u Sadia..?

piecesjhon
pieces 23, New Delhi, India
माना दोस्ती का रीश्ता खून का नही होता
लेकीन खुन के रीश्ते से कम भी नही होता

दोस्ती मे एक बात मुझे समझ नही आती है
दोस्त मे लाख बुराई हो उसमे अच्छाई ही क्यु नजर आती है

दोस्त बीठाता है आपको सर आखो पर
आपकी सारी परेशानी लेता है अपने उपर

आप की गलती सारी दुनीयासे चुपाता है
खुद के अच्छे कामो का शेर्य भी आपही को देता है

दोस्त होता है ऐसे
दीयो के लीये बाती जैसे
अन्धो के लीये लाठी जैसे
प्यासे के लीये पानी जैसे
बच्चे के लीये नानी जैसे
लेखक के लीये कलम जैसे
बीमार के लीये मलम जैसे


कुभार के लीये माती जैसे
कीसान के लीये खेती जैसे
भ्कत के लीये वरदान जैसे
मरने वाले के लीये जीवनदान जैसे

अन्त मे आप से एक ही बात है कहना
दोस्त को बुरा लगे ऐसा कोई काम ना करना
खुद भी खुश रहना और दोस्तो को भी रखना
चाहे कीतनी भी बडी मुशकील हो दोस्त का साथ ना छोडना........

7/11/2008 7:01 PMHi Miss Sadia

piecesjhon
pieces 23, New Delhi, India
किसी के इतने पास न जा

के दूर जाना खौफ़ बन जाये

एक कदम पीछे देखने पर

सीधा रास्ता भी खाई नज़र आये


किसी को इतना अपना न बना

कि उसे खोने का डर लगा रहे

इसी डर के बीच एक दिन ऐसा न आये

तु पल पल खुद को ही खोने लगे


किसी के इतने सपने न देख

के काली रात भी रन्गीली लगे

आन्ख खुले तो बर्दाश्त न हो

जब सपना टूट टूट कर बिखरने लगे


किसी को इतना प्यार न कर

के बैठे बैठे आन्ख नम हो जाये

उसे गर मिले एक दर्द

इधर जिन्दगी के दो पल कम हो जाये


किसी के बारे मे इतना न सोच

कि सोच का मतलब ही वो बन जाये

भीड के बीच भी

लगे तन्हाई से जकडे गये


किसी को इतना याद न कर

कि जहा देखो वोही नज़र आये

राह देख देख कर कही ऐसा न हो

जिन्दगी पीछे छूट जाये

7/10/2008 1:49 PMHi dear Sadia

piecesjhon
pieces 23, New Delhi, India
अपने दिल को पत्थर का बना कर रखना ,
हर चोट के निशान को सजा कर रखना ।

उड़ना हवा में खुल कर लेकिन ,
अपने कदमों को ज़मी से मिला कर रखना ।

छाव में माना सुकून मिलता है बहुत ,
फिर भी धूप में खुद को जला कर रखना ।

उम्रभर साथ तो रिश्ते नहीं रहते हैं ,
यादों में हर किसी को जिन्दा रखना ।

वक्त के साथ चलते-चलते , खो ना जाना ,
खुद को दुनिया से छिपा कर रखना ।

रातभर जाग कर रोना चाहो जो कभी ,
अपने चेहरे को दोस्तों से छिपा कर रखना ।

तुफानो को कब तक रोक सकोगे तुम ,
कश्ती और मांझी का याद पता रखना ।

हर कहीं जिन्दगी एक सी ही होती हैं ,
अपने ज़ख्मों को अपनो को बता कर रखना ।

मन्दिरो में ही मिलते हो भगवान जरुरी नहीं ,
हर किसी से रिश्ता बना कर रखना ।

मरना जीना बस में कहाँ है अपने ,
हर पल में जिन्दगी का लुफ्त उठाये रखना ।

दर्द कभी आखरी नहीं होता ,
अपनी आँखों में अश्को को बचा कर रखना ।

सूरज तो रोज ही आता है मगर ,
अपने दिलो में ' दीप ' को जला कर रखना
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